# Indian Ways > indian culture society politics movies people and many more ## Posts - [केन्‍द्रीय बजट भाषण 2025, निर्मला सीतारमण](https://indianways.in/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%9f-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%a3-2025/): बजट 2025-26 वित्त मंत्री : निर्मला सीतारामन का भाषण 1 फरवरी, 2025 माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्तुत करती हूँ। प्रस्तावना यह बजटः क)       विकास में तेजी लाने, ख)       समावेशी विकास सुनिश्चित करने, ग)       निजी क्षेत्र के निवेशों में नई जान डालने, घ)       परिवारों के मनोभावों में उल्लास भरने, और ङ)       भारत के बढ़ते […] - [मेरा ओला एस वन प्रो के साथ अनुभव](https://indianways.in/my-experience-with-ola-s1-pro/): मैंने 16 अगस्‍त 2022 को ओला ई बाइक खरीदी। मॉडल है ओला एस वन प्रो। दो सालों में ओला के साथ और बाद में बहुत सारी इलेक्ट्रिक बाइक्‍स आ रही हैं। ओला एसवन प्रो खरीदने के करीब दो महीने के बाद से पचासों मित्रों, रिश्‍तेदारों, जानकारों और कुछ अपरिचितों तक को ओला एसवन प्रो खरीदने […] - [गुंथित समान्‍तर सत्ताएं](https://indianways.in/interconnected-parallel-authority/): मुझे लगता है कि देश और काल से परे तीन तरह की सत्ताएं समान्‍तर रूप से सक्रिय हैं। हो सकता है कि मैं समय के फलक पर उड़ती हुई चील नहीं हूं, लेकिन फिर भी निरपेक्ष रहने का प्रयत्‍न करते हुए मुझे लगता है कि धार्मिक, आर्थिक और राजनीतिक सत्ताएं साथ साथ चलते हुए एक […] - [Logical Fallacies by Marilyn vos Savant](https://indianways.in/logical-fallacies-by-marilyn-vos-savant/): Readers often ask to Marilyn vos Savant about critical thinking and how to reason better. One of the best ways is to learn about logic, which is both fun and useful. Following are examples of the most common logical fallacies. You can use them as exercises to find the flaws in your own thinking. Simple […] - [परम्पराओं की जकड़न](https://indianways.in/paramparaon-ki-jakdan/): एक पचपन की औरत आयी अपने बेटे, बहु और पति के साथ। समस्या थी, सास-बहू की कलह जो अब बहु को अवसाद में डाल रहा था। बेटा एकलौता था और ना तो घर छोड़ माँ से ही अलग हो पा रहा था नाही अपनी पत्नी के दुख को सम्भाल पा रहा था। पिता का धैर्य […] - [I ORIGIN : अनुभूति के आयाम](https://indianways.in/review-of-movie-i-origin/): वर्ष 2014 में एक बहुत खूबसूरत फिल्‍म आई थी “I ORIGIN” फिल्‍म की शुरूआत अमरीका की एक हाईटेक लैब में होती है। एक रिसर्च साइंटिस्‍ट आंखों पर शोध कर रहा होता है। वह चूहों पर प्रयोग कर कलर ब्‍लाइंड चूहों में प्रत्‍यारोपण से रंगों की पहचान की कोशिश कर रहा होता है। उन्‍हीं दिनों उसके […] - [छद्म और अंध विश्‍वास में अंतर है : स्किजोफ्रीनिया](https://indianways.in/schizophrenia-diffrence-between-psudo-faith-and-blind-faith/): स्किजोफ्रीनिया के रोगी अंधविश्‍वासी होते हैं वे न केवल ईश्‍वर को देखते हैं बल्कि उनसे वार्तालाप भी करते हैं और कई बार उनके आदेशों को मानकर बलि देने जैसे कामों को भी अंजाम दे देते हैं। भारत में एक स्किजोफ्रीनिया के रोगी ने एक रात में लोहे की रॉड से सड़क के किनारे सो रहे […] - [हमें राजतंत्र की ही जरूरत है](https://indianways.in/all-we-need-is-monarchy/): कहने को हम 15 अगस्‍त 1947 को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद हो गए, और आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का एक भाग हैं, लेकिन हकीकत में देखा जाए तो अभी लोकतंत्र आया ही नहीं है। लोकतंत्र के आने में अभी कुछ दशक और लग जाएंगे। तब तक हमें राजतंत्र की जरूरत है। यह बुरा […] - [शादी करूंगा तो प्रियंका से ही](https://indianways.in/will-marry-to-priyanka-only/): हमारे यहां एक महाराज हैं, नाम नहीं लूंगा, लेकिन कहानी बताता हूं। धन का पता नहीं लेकिन महाराज तन-मन से कांग्रेसी थे, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और बाद में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिल से पसंद करते थे। उनकी एक ही इच्छा थी कि उनकी शादी हो तो केवल प्रियंका से ही हो। लड़कपन […] - [यूं ही कोई बेवफा नहीं होता : आदर्श लिबरल](https://indianways.in/adarsh-liberals-on-award-wapsi/): धननन्‍द का शासन था, आमजन पर अत्‍याचार बढ़ता जा रहा था, सरकारी मशीनरी का कोई भी बंदा किसी भी आम इंसान के साथ बदसलूकी कर लेता था, यहां तक कि राज्‍य के आचार्यों तक को इज्‍जत मिलनी बंद हो गई। जो आचार्य भिक्षा से जीवन यापन करते थे, वे मगध की उन्‍नति केवल इसलिए करना […] - [बाबा रामदेव के उत्‍थान और पतन से परे](https://indianways.in/baba-ramdev-beyond-rise-and-fall/): अगर किसी को लगता है कि बाबा रामदेव हिंदुत्‍व का चेहरा है तो यह उसकी समस्‍या है बाबा रामदेव की नहीं। बाबा रामदेव साधू हैं और समाज और घर छोड़े हुए उन्‍हें अर्सा हो चुका है। सन्‍यास लेने के बाद भी बाबा रामदेव ने एफएमसीजी कैटेगरी में जो बाजार खड़ा किया है, वह न तो […] - [सेल्‍फी इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी है](https://indianways.in/selfi-is-the-biggest-disaster-of-the-century/): आपने पिछले पांच छह सालों में एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों स्‍थानों पर इस आशय का लेख पढ़ा  होगा कि सेल्‍फी खींचना किस प्रकार गलत है, या सेल्‍फी से क्‍या नुकसान होता है या सेल्‍फी इस सदी की सबसे बड़ी त्रासदी है। चलिए इस मुद्दे पर आगे बात करने से पहले आपको रिसर्च इंस्‍टीट्यूट के […] - [महिलाओं पर आधारित अर्थव्‍यवस्‍था](https://indianways.in/economics-depends-on-women/): आज मैं कह सकता हूं, सरजमीने हिंद की औरतों, तुम्हें सलाम। ऐसा क्यों? इसका एक मोटा कारण है। रविवार को मैं जयपुर में था। मौका था राजस्थान पत्रिका के पत्रकारिता पुरस्कारों का। बैस्ट कवरेज कैटेगरी में मेरी टीम को राष्ट्रीय स्‍तर पर तीसरा पुरस्कार मिला था। पुरस्कार लेने के बाद हमें अतिरिक्त पुरस्कार के रूप […] - [मीडिया की नौकरी, उधार की इज्‍जत](https://indianways.in/media-job-and-rented-credibility/): मैंने 2005 में पत्रकारिता शुरू की, वास्‍तव में यह कहना भी हास्‍यास्‍पद है, क्‍योंकि उस समय में मैंने राजस्‍थान पत्रिका की नौकरी शुरू की थी, बाद में पत्रकारिता शुरू करने में मुझे तीन साल लग गए थे, हालांकि उससे पहले मेरी बाइलाइन लगनी शुरू हो गई थी, परन्‍तु मैं खुद जानता हूं कि पहली कायदे […] - [कालिदास त्रयी](https://indianways.in/three-kalidas-in-indian-litreture/): कालिदास त्रयी – तीन मुख्य कालिदास थे तथा अन्य तीन का उपनाम कालिदास था। तीन कालिदासों का उल्लेख राजशेखर की काव्य मीमांसा में किया है, जल्हण की सूक्ति मुक्तावली तथा हरि कवि की सुभाषितावली मे भी- एकोऽपि जीयते हन्त कालिदासो न केनचित्। शृङ्गारे ललितोद्गारे कालिदास त्रयी किमु॥ एक ही कालिदास की बराबरी का कोई नहीं […] - [दुर्गा सप्‍तशती के विलक्षण स्‍वरूप](https://indianways.in/types-of-durga-saptshati/): “स्तोत्र पाठ क्या है? बस कुछ ऐसा मामला है ज्यों प्रियतम से प्रियतम की बातें करनी हैं। उसमे भाषा उनकी (प्रियतम) की रहेगी भाव निज हिय का होगा” शुरूआती समय था उम्र शायद सोलह सत्रह साल। स्तोत्र पाठ का औचित्य पूछा नवरात्र के दौरान तो कृपानाथ ने उपर्युक्त उत्तर दिया था। चंडी पाठ करने के […] - [लता दीदी आपको विष्‍णुधाम में स्‍थान मिले 🙏](https://indianways.in/%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae/): स्‍वर कोकिला लता मंगेशकर श्रीहरि के चरणों में विलीन हो गई। कल सरस्वती पूजा थी, आज माँ विदा हो रही हैं। लगता है जैसे माँ सरस्वती इस बार अपनी सबसे प्रिय पुत्री को ले जाने ही स्वयं आयी थीं। मृत्यु सदैव शोक का विषय नहीं होती। मृत्यु जीवन की पूर्णता है। लता जी का जीवन […] - [इंसेप्‍शन – सपनों की रहस्‍यमयी दुनिया](https://indianways.in/inception-amazing-world-of-derams/): इंसेप्‍शन – सपनों की रहस्‍यमयी दुनिया Inception – Amazing world of derams इस फिल्‍म को लेकर पहली भसड़ ये होती है कि दर्शक कहता है कि क्‍या माजरा है कुछ समझ में ही नहीं आया। मैं भी अपवाद नहीं हूं, आउट ऑफ द बॉक्‍स फिल्‍म के साथ ऐसा होना अटपटा भी नहीं है। खैर, अपने […] - [बटरफ्लाई इफेक्‍ट : कार्य कारण संबंधों का अंतहीन सिलसिला](https://indianways.in/butterfly-effect-endless-process-of-cause-and-effect/): बटरफ्लाई इफेक्‍ट : कार्य कारण संबंधों का अंतहीन सिलसिला : Butterfly effect : Endless process of cause and effect नोबल पुरस्‍कार विजेता गणितज्ञ जॉन नेश ने केओस थ्‍योरी दी है। इसके अनुसार अमेजन के जंगलों में जब एक तितली पंख फड़फड़ाती है तो उसके कारण आधी सदी बाद प्रशांत महासागर में तूफान आता है। इस कथन […] - [काशी के संत बनिया बाबा](https://indianways.in/kashi-ke-sant-baniya-baba/): काशी में एक बहुत बड़े सेठ थे। आस-पास के लोग जानते थे कि यह व्यक्ति भगवान विष्णु का भक्त है, लेकिन धनवान होने के साथ साथ वह एक कंजूस भी थे। अपनी भक्ति में, भगवान विष्णु की पूजा के लिए पैसे और सामग्री खर्च नहीं करने का एक समाधान खोजने के लिए, वह एक साधू […] - [गरीबी मां और बाबा का ढाबा](https://indianways.in/baba-ka-dhaba-aur-gareebi-maa/): बाबा और बाबा का ढाबा बहुत ही जोरदार एपीसोड है, इसे होना चाहिए था, एक बार नहीं, बार बार होना चाहिए। भविष्‍य में जब भी कोई यूट्यूबर, कोई मीडियाकर्मी, कोई ब्‍लॉगर या कोई दूसरों का दुख देखकर जार जार रोने वाला, ऐसे किसी बंदे को देखे तो उसे बजाय सहानुभूति होने के नेपथ्‍य में बाबा […] - [आंवला नौमी : वृक्षवाची, युगवाची पर्व - संदर्भ : आंवला नवमी](https://indianways.in/amla-navmi-shri-krishna-jugnu/): आंवला रसायन है और कल्प दृष्टा भी। उसके प्रति कायाकल्प जैसी रसायन सम्मत और आयुर्वेदिक मान्यता यूंही नहीं जुड़ गई। ऋषि च्यवन की कहानी में कितने सूत्र इस फल के गुण और उपयोग के हैं! आयुर्वेद की कहानियां हम कम ही सुनते सुनाते हैं। यह कार्तिक की कीर्ति कथा है। चार युग हैं : कृत, […] - [इट्स अ वंडरफुल लाइफ (1946) It’s A wonderful Life 1946](https://indianways.in/its-a-wonderful-life-1946/): इट्स अ वंडरफुल लाइफ (1946) It’s A wonderful Life 1946 : जिंदगी का प्रवाह ऐसा है कि कभी हम जीवन को धक्‍का देते हैं और कभी हमें जीवन का धक्‍का लगता है, कुल मिलाकर गाड़ी चलती रहती है। हार्मोन बैंलेंस बन रहा होता है, कभी ऑक्‍सीटोसिन का प्रवाह आता है तो कभी डोपामिन के दौर […] - [महापुरुष का निर्माण](https://indianways.in/making-of-mahapurush/): एक दिन मौसम बहुत अच्‍छा हो रखा था, महादेव और माता पार्वती घूमने निकले। घूमते घूमते हरियाणा के जंगलों की ओर चले गए, वहां देखा कि बाकी सब जगह तो कुछ न कुछ उगा हुआ है, एक जगह गीली मिट्टी का मोटा सा लौंदा पड़ा है। मां पार्वती लहराते हुए नीचे उतरीं और गीले लौंदे […] - [फिल्‍मी इतिहासकार और बीकानेर के महाराज Historic films and Maharaj of Bikaner](https://indianways.in/historic-films-and-maharaj-of-bikaner/): वर्तमान दौर के फिल्‍मी इतिहासकार तो अब पैदा हुए हैं, बीकानेर में इनसे कई पीढ़ी आगे के और कहीं अधिक “समझदार” शोधकर्ता बीकानेर में हुए हैं। कहानी कोई पचासेक साल पुरानी है। एक महाराज थे, हमेशा अंगरेजी का अखबार पढ़ा करते थे। हालांकि चौथे दर्जे में चार बार चक्‍कर लगाने के बाद आगे पढ़ने की […] - [विपत्ति के पांच स्‍तर - लाह के संदर्भ में](https://indianways.in/five-stages-of-grief-in-hindi/): विपत्ति आने पर मनुष्‍य का उस विपत्ति के प्रति पांच स्‍तर का प्रभाव होता है। यह इसी क्रम में होता है। पहले वह खण्‍डन करता है, फिर क्रोध करता है, फिर मोल भाव करता है, इसके बाद अवसाद में चला जाता है और आखिर में स्‍वीकार कर लेता है। इसका उदाहरण किसी कैंसर पीडि़त अथवा […] - [नगर स्थापना का चमत्कार - श्रीकृष्‍ण जुगनू](https://indianways.in/nagar-sthapna-ke-chamatkar/): राजस्थान ही क्या, मालवा और गुजरात आदि में बसाए गए अधिकांश नगर (पुर, मेरु : मेर, नेर, गढ़, पाटन, वाड, सर, पाल… आदि नामांत वाले) वैशाख शुक्ला बीज और तीज की स्थापना वाले हैं। ये अबूझ मुहूर्त हैं। अन्य सभी मुहूर्त शोधन के लिए बड़ा प्रयास करना पड़ता है जबकि अक्षय तृतीया को स्वयं सिद्ध […] - [कार्बन फुटप्रिंट](https://indianways.in/carbon-footprint/): आज एक सामान्‍य घर बनता है, तो उसमें लगने वाली ईंटें, सीमेंट, चूना, विभिन्‍न प्रकार के पत्‍थर, लकड़ी, आयरन, कॉपर वायर, प्‍लास्टिक या लकड़ी के स्विच, पैट्रोलियम ऑयल, इलेक्ट्रिक और इलेक्‍ट्रॉनिक उपकरण, सिंथेटिक कैमिकल आदि इतना सामान लगता है कि अगर एक एक सामान को जुटाने के लिए प्रकृति के साथ किए गए खिलवाड़ की […] - [महाराणा प्रताप पुण्‍यतिथि और भारतीय पंंचांग](https://indianways.in/maharana-pratap-punyatithi/): उदारवाद या कहें सेक्‍युलर फाइबर का मकड़जाल पिछली एक सदी से एक प्रयास बहुत मेहनत के साथ करता रहा है, वह है हमारी तिथियों की अनदेखी करने का। यह एक ओपन सीक्रेट है कि दुनिया का सबसे घटिया कलेण्‍डर ग्रिगोरियन कलेण्‍डर है, हालांकि इस्‍लामिक कलेण्‍डर खुद को ग्रिगोरियन से घटिया साबित करने में अपनी ओर […] - [इंदिरा गांधी की बेटी सोनकेसिया की कहानी](https://indianways.in/story-of-sonkeshiya-daoughter-of-indira-gandhi/): केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी वह प्रधानमंत्री थी और उत्तर प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार थी बाबू बनारसी दास मुख्यमंत्री थे। इंदिरा गांधी के आंखों में बाबू बनारसी दास की सरकार रेत की तरह चुभ रही थी वह चाह कर भी अपने गृह प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बना पा रही […] - [एक थी फ़रखंंदा](https://indianways.in/the-killing-of-farkhunda/): एक थी फ़रखंंदा, कुरान और इस्‍लाम पर स्‍नातक स्‍तर की शिक्षा पूर्ण करने के बाद आगे पढ़ने का प्रयास कर रही थी कि, एक दिन किसी ने अफवाह उड़ा दी कि फ़रखंंदा ने कुरान जला दी है। फ़रखंंदा ने कहा उसने नहीं जलाई। लेकिन दीन के पक्‍के लोग बहुत भावुक हो गए। उन्‍होंने फ़रखंंदा को […] - [बच्‍चों को ऐसे सिखाएं हिंदी महीनों के नाम](https://indianways.in/how-to-teach-your-childern-about-indian-month-name/): बहुत बार यह दिक्‍कत होती है कि हिंदी महीनों के नाम किस प्रकार याद रखे जाएं। इस लेख में ऋतुओं और मास में होने वाले प्रमुख त्‍योहारों के जरिए स्‍पष्‍ट किया है कि हम महीनों के नामों को किस प्रकार संबंध बनाकर याद रख सकते हैं। विक्रम संवत्‍ के एक वर्ष के दौरान चैत्र शुक्‍ल […] - [षड्यंत्र शब्द इस प्रकार बना है](https://indianways.in/%e0%a4%b7%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ac/): षड्यंत्र शब्द इस प्रकार बना है :- षट्+यंत्र = षड्यंत्र अर्थात् छह यंत्र या छह विधियाँ इसमें जिन छह विधियों के बारे में बताया जाता है वो हैं :- 1. जारण 2. मारण 3. उच्चाटन 4. मोहन 5. स्तंभन 6. विध्वंसन । 1. जारण :- ‘जारण’ का अर्थ जलाना या भस्म करना है । यह संस्कृत के […] - [आओ सिखाएँ तुम्हें अण्डे का फण्डा](https://indianways.in/ande-ka-funda/): अण्डे से जीव की उत्पत्ति की बात सदियों से लोगों को पता है । यूनिवर्स को हम आज बिग बैंग से पैदा भले मानते हों , लेकिन पुराने लोग किसी स्वर्णिम अण्डे से समस्त सृष्टि का जन्म मानते रहे हैं। यहाँ तक कि बिग बैंग को भी कॉस्मिक एग कह दिया जाता है , भले […] - [भारत में काल गणना](https://indianways.in/bharat-me-kal-ganna/): भारत में देश-काल की गणना कई प्रकार की थी तथा बहुत सूक्ष्म थी। आज भी काल का अर्थ तथा उसकी माप रहस्यमय है। भारत में ४ प्रकार के काल, ९ प्रकार के कालमान तथा ७ प्रकार के युग हैं। देश की माप के लिये ७ प्रकार के योजन थे तथा आकाश के लोकों की माप […] ## Pages - [Indian Ways](https://indianways.in/) ## Optional - [Agent (MCP protocol)](websites-agents.hostinger.com/indianways.in/mcp) [comment]: # (Generated by Hostinger Tools Plugin)