दुःखी कर गया समय- मेरा कोरोना वर्ष अनुभव 52

sakhi talk आ सखी चुगली करें

नमस्ते सभी को मै जोधपुर से
होली पर कोरोना कोरोना सुना पर लगा अपने यहा थोडे ही आयेगा |फिर 17 को बेटा आया हैदराबाद से वो वहा इन्फोसिस मे है ….मास्क लगा के तब बोला कोराना आ गया है …मै अब घर से ही काम करून्गा आते ही पार्लर की लडकियो की छुट्टी कर दी |बाई की भी वेतन के साथ 22 से लाकडाउन लग गया |
तीनो मिलकर घर का सारा काम भी करते और नयी नयी डीश भी बनाते |फिर 1 डेढ़ महीना तो अच्छा लगा फिर न्यूज देख कर मजदुरो की हालत दिल्ली ,मुम्बई सब जगह का देख कर मन दुखी हो रहा था |
धन्यवाद प्रवीणा जोशी जी को की इस group की बदोलत बीच बीच मे मन बहल गया | parlour भी नही खोला positive केस बहोत आ रहे है इसलिये…भगवान से यही दुआ है आप सब और हम स्वस्थ रहे ओर ये कोरोना नामक बिमारी जल्द से जल्द जाऐ ।

लेखिका – मंजू संत