कुछ नई सीख नए रिश्ते दे गया समय- मेरा कोरोना वर्ष अनुभव 53

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क्या कहें इस साल को खतरनाक या कुछ सिखा जाने वाला. सच कहूं तो मेरे लिए ये कोरोना वाला साल बहुत सारे खूबसूरत अनुभवों से लबरेज रहा.जब इस की वजह से पति का दफ्तर बच्चों का स्कूल बंद हुआ तो अच्छा लगा चलो इसी बहाने एकदूसरे के साथ समय बिताने का मौका मिला. पहले लाक डाउन का समय मजे से निकल गया. उसके बाद एक जैसे रुटीन से बोरियत होने लगी. तभी सखी समूह की दिल्ली की एडमिन रश्मि पांडे ने आ सखी के लिए दिल्ली की सखियों की तरफ से डांस का वीडियो बनाने को कहा फिर क्या इसी वीडियो के साथ हमारी मस्ती शुरू हुई. हमारा सास बहू का एक समूह बन गया जिसमें सास बहू देवरानी जिठानी का खूबसूरत सम्बन्ध बन गया. वास्तव में इस रिश्ते में मैंने कोरोना की नैगेटिवटी को पीछे छोड़ दिया. बरसों पहले के अपने मिमिकरी के हुनर को जिन्दा किया अब मस्त वीडियो बना रही हूं फेसबुक पे पोस्ट कर रही हूँ यहाँ भी किया था आप सबने भी देखा होगा. मुझे इस समय का सदुपयोग करना है वीडियो एडिटिंग सीखना है यू ट्यूब पे हाथ आजमाना है. इसके अलावा अपनी मनपसंद किताबें पढी पति के साथ वेब सीरीज देखीं यानि कोरोना को गोली मारकर सुरक्षा के दायरे में रहते हुए वो सब किया जो अच्छा लगा. इस समय ने मुझे बड़ी सीख दी है अपने परिवार को प्यार करो खुशहाली बांटो और थोड़ा अपना हाथ पांव चलाते रहो कब क्या हो जाये कुछ भरोसा नहीं.
मेरी तो जिंदगी का यही मंत्र है खूश रहो मस्त रहो स्वस्थ रहो और दूसरों को भी खुश रखो ।बुरा वक्त है गुजर जायेगा… बस आप सब स्वस्थ रहें

कहाँ तक अंधेरे ये मन के चलेंगे
उदासी भरे दिन कभी तो ढलेंगे….

लेखिका- राजलक्ष्मी दुबे