Tag: Theory of Evolution

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

जाड़ा जा रहा है और उसके साथ ताज़ी मटर का मौसम भी। हरी मुलायम मिठास लिये दानेदार फलियाँ , जिन्होंने मनुष्य को अपने-आप से...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

फूलों के ब्याह का मौसम है और आइए इस ऋतु में चार्ल्स डार्विन की एक त्रुटि पकड़ें। डार्विन ने जीव-विकास का अपना सिद्धान्त दिया। उसमें...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

"महाभारत के आदिपर्व में जब पाण्डव कुन्ती-समेत लाक्षागृह जाने को होते हैं , तो विदुर युधिष्ठिर से एक गहरी बात कहते हैं।" "कौन सी ?" "आग...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

"आप जाति-धर्म-नस्ल के बारे में कुछ कहेंगे , जीव-विकास के सापेक्ष ?" "वे बातें जो मनुष्य के डीएनए की विविधता में मात्र 0.1 प्रतिशत में...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

मनुष्य तक पहुँचने के लिए हमने प्राइमेट-ऑर्डर नामक समूह में प्रवेश लिया था। यहाँ घुसते ही हमें दो समूह मिले थे : गीली नाक...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

सारे जीवों के विकास को छोड़कर अब हम सीधे मनुष्य के विकास पर आते हैं। मनुष्य कैसे बना ? कहाँ से निकला ? उसके...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

"मैं डार्विन को नहीं मानता !" "बड़ी अच्छी बात होती है स्थापित बहुमान्य को न मानना। लेकिन न मानने की वजहें होनी चाहिए बहुत ठोस।...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

हम मनुष्य हैं और गोरा बनना हमारे लिए उद्योग का रूप ले चुका है। हमें त्वचा का रंग हल्का करना है बिना इस बात...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

जब हम जीव-विकास की बात करते हैं , तो हमारा चिन्तन-बिन्दु जनसंख्या होती है , व्यक्ति नहीं। बदलते पर्यावरण के कारण डीएनए में होने वाले...

हमें जीना है और तुक्के मारने हैं : डार्विन और विकासवाद...

अन्धा बाँटे रेवड़ी, न जाने किस को , कब तक देय ! 'विकास' में 'वाद' का पुछल्ला जोड़ने का मैं पक्षधर नहीं हूँ। प्रत्यय की पूँछ...

अधुनातन लेख